अवंतिका अनंत का हाथ अपनी किटी से हटाते हुए बोली "मुझे सच में ठंड लग रही है, मुझे कुछ चाहिए जो सच में मेरी ठंड को दूर कर सके।" अनंत "तो तुम्हे क्या लगता है कि मैं तुम्हारी ठंड दूर नही कर सकता?" अवंतिका "तुम बिलकुल ठंडे पड़ चुके हो, बिलकुल वैसे ही जैसे तुम्हारा भरोसा मुझ पर से ठंडी पड़ गई है।"
अनंत अवंतिका को अपनी बाहों में भरते हुए बोला "तो ये गुस्सा है कि मैंने तुम पर भरोसा नही किया? पर तुम्हें ऐसा क्यों लगता है कि मैं तुम पर भरोसा नही करता हूं या तुम्हारे ऊपर से मेरा भरोसा कम हुआ है?"

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