
सुबह के छह बजे,
समुद्र के बीच तैरते विशाल क्रूज़ पर सूरज की पहली किरणें पड़ चुकी थीं। सुनहरी रोशनी पानी पर बिखर रही थी और हल्की ठंडी हवा पूरे डेक में ताज़गी घोल रही थी।

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सुबह के छह बजे,
समुद्र के बीच तैरते विशाल क्रूज़ पर सूरज की पहली किरणें पड़ चुकी थीं। सुनहरी रोशनी पानी पर बिखर रही थी और हल्की ठंडी हवा पूरे डेक में ताज़गी घोल रही थी।

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