
तिया की वो बात सुनते ही निर्वाण का पूरा शरीर सिहर उठा। उसकी आँखें तिया की आँखों में गहराई तक डूब गईं। रात की ठंडी हवा, समुद्र की लहरों की आवाज़ और दूर से आती म्यूजिक की हल्की धुन के बीच दोनों के बीच की दूरी लगभग खत्म हो चुकी थी।
निर्वाण ने कांपते हाथों से तिया की कमर को पकड़ा और उसे अपनी तरफ खींच लिया। तिया का सीना उसके छाती से सट गया "तिया क्या तुम सच में.?" उसकी आवाज़ भारी और कांपती हुई थी.!






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