
निर्वाण ने अपना पेनिस बाहर निकालकर जाने लगा तो तिया ने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया “अरे कहां जा रहे हो.?” तिया की आवाज़ में हल्की हंसी और शरारत दोनों थी।
निर्वाण रुक गया, नाराजगी और बेताबी भरी नज़रों से उसकी तरफ घूमा। उसका हार्ड मैनहुड अभी भी पूरी तरह खड़ा, मोटा और नसों से फटा हुआ था, हवा में थरथरा रहा था।

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