वो ऑटो वाला लगातार शीतांश को बातें सुनाता रहा, इस बात से अंजान कि शीतांश के अलावा भी कोई उसकी बातें सुन रहा है। ऑटो वाले ने शीतांश को जी भर कर बात सुनाया और जैसे ही वो अपनी ऑटो के ड्रॉवर से पैसे निकाल कर शीतांश को 50 का नोट वापस करता है कि उसके गाल पर एक तेज थप्पड़ आ लगता है।
वो ऑटो वाला अपना सिर उठा कर देखता है जहां अंगीरा खड़ी थी। अंगीरा उसके ड्रॉअर से अपना दिया हुआ 100 का नोट लेती है और कहती है "औरत से पैसे लेने पर इतना धिक्कारा तूने इसे, फिर इसी औरत के पैसे क्यों ले रहा है.?" कह कर वो शीतांश की तरफ मुड़ी।






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