वो उससे अलग होकर खड़े होते हुए बोली "जो हूं, जितना हूं, तुम्हें मिल रही हूं इससे ज़्यादा मैं खुद की भी नहीं हूं तो तुम्हें कहां से मिलूंगी.?" कह कर वो अपने कमरे की तरफ बढ़ गई। इस पर अमान उसके पीछे आया और बोला "मांग कर देखता हूं मिल गईं तो ठीक नहीं तो मेरे अहसास आपको मजबूर करेंगे तब कैसे रोकेंगी खुद को.!"
अमान की बातें सुनकर शिवाली के कदम ठहर गए और वो पीछे मुड़ कर अमान की आंखों में देखते हुए बोली "जिस दिन मुझे हासिल कर लोगे न अमान, तुम्हें रिग्रेट के सिवा कुछ फील नहीं होगा क्योंकि मैं खोखली हूं और मेरे खोखलेपन से तुम खुद भी खाली हो जाओगे.!"






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