अंगीरा सारे डोर्स लगा कर मैन डोर लगाने लगी जब उसे अपने घर के गार्डन वाले झूले पर कोई बैठा हुआ दिखाई दिया। मौसम बहुत ज़्यादा ख़राब हो चुका था, आसमान में काले बादल घिर आए थे जिस कारण अंगीरा उस शक्श की पहचान नहीं हो पा रही थी।
अंगीरा को डर लगा मगर फिर वो हिम्मत कर घर से बाहर आई और झूले के पास गई। झूले के करीब आते हुए अंगीरा को झूले पर बैठा हुआ शक्श साफ दिखाई जो और कोई नहीं बल्कि शीतांश था।






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