ऊँटी,
अंगीरा अपने रूम की बाल्कनी में बैठी अपने फोन में कुछ लिख रही थी जब वहां पर आवाज़ आई "तुझे वक़्त कहे रे, ये दुनिया वाले.! एक पल भी कहीं पर, न रुकने वाले.! प्यार से रखना, जतन से रखना.! अब मेरी अमानत तेरे हवाले.!"

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अंगीरा अपने रूम की बाल्कनी में बैठी अपने फोन में कुछ लिख रही थी जब वहां पर आवाज़ आई "तुझे वक़्त कहे रे, ये दुनिया वाले.! एक पल भी कहीं पर, न रुकने वाले.! प्यार से रखना, जतन से रखना.! अब मेरी अमानत तेरे हवाले.!"

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