उस बोट ड्राइवर की बात सुन कर अंगीरा उसे गुस्से से घूर कर देखते हुए बोली “क्या लगता है? हं? कुछ नहीं हुआ है मेरे शीतांश को! इसकी सासें रुक गई तो क्या हुआ? मैं उसे अपनी साँस दूँगी!”

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उस बोट ड्राइवर की बात सुन कर अंगीरा उसे गुस्से से घूर कर देखते हुए बोली “क्या लगता है? हं? कुछ नहीं हुआ है मेरे शीतांश को! इसकी सासें रुक गई तो क्या हुआ? मैं उसे अपनी साँस दूँगी!”

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