अंगीरा के सवाल पर शीतांश ने उसे देखा और फिर मुस्कुरा कर कहा “नहीं, वो कोई बहाना या झूठ नहीं है! मैं सच में तुम्हारी कहानी इस दुनियाँ के लोगों तक ले जाना चाहता हूँ! उस दिन तुम्हारे रीयूनियन पर तुम्हें पूरे 5 साल बाद देखा और जाना कि तुम एक राइटर हो! मैं कब से अपनी कंपनी के लिए एक बड़ी राइटिंग ऑपर्च्युनिटी के इंतेजार में था जो तुम्हें देख कर पूरी हो गई! तुम पर बुक लिखना आसान लगा क्यूँकि तुम जानी-पहचानी थी पर फिर तुमसे मिलने के बाद पता चला कि अभी बहुत कुछ बाकि है तुम्हारे बारे में जानने को! फिर वो 15 दिन उसमे मैंने जाना कि तुम्हारी लिखी कहानियाँ और तुम्हारी असल जिंदगी से कितनी अलग हैं? बस उसी वक्त मेरा इरादा पक्का हो गया कि मैं तुम्हारे अंदर की असली अंगीरा को दुनियाँ के सामने लेकर आऊँगा!”






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