अंगीरा ने शीतांश का हाथ छोड़ते हुए कहा “मुझे नहीं लगाना ये!” कहते हुए शीतांश के हाथ लिए सिंदूर की तरफ देखती है। सिफी “पर मैम, आप की शादी हो चुकी है और सर ने तो आप की माँग भरी थी फिर...”
अंगीरा “तो? जरूरी है कि मैं हर वक्त सिंदूर लगाए घुमू? वैसे भी हमने डिसाइड किया था कि हम अभी अपनी शादी किसी से नहीं बताने वाले, तुम भूल गए क्या?” कहते हुए उसने अपनी भोंहें चढ़ाते हुए शीतांश को देखा तो शीतांश ने मन मसोसते हुए अपना सिर हिला दिया।






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