
अंगीरा को ऐसे गुस्से में जाते देख शीतांश जल्दी से उसके पीछे आते हुए खुद से बोला “आया था माँ को मनाने पर अब लगता है पहले बेटी को संभालना होगा, चल शीतांश जल्दी से इसे रोक दे इससे पहले कि ये यहाँ आग लगा कर ही माने!”
ये कहते हुए वो हॉल में आया जहाँ अंगीरा बारू और बाकि सब को अपनी जलती हुई निगाहों से देखे जा रही थी! उसे देख वहाँ मौजूद लेडी ने बारू से कहा “ये कौन है?”






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