
अंगीरा भी शीतांश की आंखों में देखने लगी जब शीतांश उसके होठों पर अपने होठों को रखता ही है कि तभी रूम के डोर पर सिफी आ जाती है। सिफी को देख अंगीरा और शीतांश अलग हो जाते हैं तो वहीं सिफी भी जल्दी से पीछे मुड़ कर बोली "सॉरी, वो आप दोनों को टेंशन में रूम में आते देखा तो बस इसलिए मैं आप लोगों को देखने आ गई थी... मैं बाद में आती हूं।"
इतना कह कर वो जाने लगी जब वो डोर के पास रुकी और फिर बिना मुड़े अंगीरा से बोली "मैम, आपको एक जरूरी बात बतानी है.!" ये सुन अंगीरा ने कहा "क्या बात है सिफी.?" सिफी "आप बाहर आ जाओ न.?"






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