
जावेद शीतांश को ढूंढते हुए उसके फ्लैट पर गया, वो फ्लैट जिसे उसने अपनी मेहनत से खरीदा था। वहां आने पर जावेद को पता चला कि शीतांश पीछे 15 दिन से यहां आया ही नहीं है।
जावेद वहां से निकला और अब सोचने लगा जब उके दिमाग़ में अंगीरा का ख्याल आया। वो जैसे तैसे कर अंगीरा के घर का एड्रेस ढूंढता है और बाइक से उधर जाने को मुड़ जाता है।

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