
अमान की आंखों में वो हारे दिल की नमी देख शीतांश ने उसके पास बैठते हुए पूछा "हां आ गया, तेरी ये दशा देख खुद से नफ़रत हो रही है.! क्या ये सच में मेरा वही दोस्त है जिसने एक वक़्त पर इश्क को शराब से ज़्यादा नशीला बताया था.?"
अमान हल्के से हँस कर "हां कहा था कि कभी शराब को हाथ नहीं लगाऊंगा लेकिन आज गले तक भर कर पी रहा हूँ क्योंकि…क्योंकि मैं मर जाना चाहता हूँ.! पर देख. देखना शीतांश, मुझे मौत नहीं आ रही.!" कहते हुए वो दर्द से तड़प उठा। उसकी ये हालत देख शीतांश की आँखें नम हो गई.!






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