
अंगीरा की वो तीखी सवालिया निगाहे शीतांश के दिल को घबरा गई, वो जल्दी से उसके हाथों को अपने हाथों में लेकर बोला "अंगीरा, मेरी बात सुनो.! अमान बहुत परेशान था, उसने अपनी हालत खराब कर ली थी तो इसलिए जावेद मुझे लेने आया था।"
अंगीरा शीतांश से हाथ छुड़ा कर "तुमने मुझसे झूठ बोला? कर दिया न साबित कि तुम भी उन्हीं मर्दों में से हो जिन्हें अपने फ्रेंड्स और अपने आप के आगे कोई नहीं दिखता.!" उसकी बात सुन शीतांश हैरान सा रह गया।






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