
तिया थककर सोफे पर बैठी हुई थी। घर साफ़ हो चुका था, लेकिन अभी भी थोड़ी-थोड़ी मेहनत के निशान बाकी थे। निर्वाण उसके बगल में बैठ गया था और दोनों कुछ देर चुपचाप बैठे रहे।
फिर निर्वाण ने धीरे से कहा "वैसे एक बात बता दूँ। यहाँ बेडरूम एक ही है।" तिया ने उसकी तरफ़ देखा। उसकी आँखों में थोड़ी शरारत और थोड़ी गंभीरता दोनों थीं "ज़रूरत भी एक की ही है.!" उसने साफ़ आवाज़ में जवाब दिया तो निर्वाण की मुस्कान धीरे-धीरे फैल गई।






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